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भाकपा (माले) रेड स्टार कर्नाटक राज्य कमिटी की मांग: कर्नाटक में SIR प्रक्रिया के जरिए मतदान अधिकार पर हो रहे फासीवादी हमले को तुरंत वापस लो!

by Jayarajan C N
भाकपा (माले) रेड स्टार कर्नाटक राज्य समिति राज्य में लागू की जा रही “SIR” (Special Intensive Revision) प्रक्रिया की घोर निंदा करती है और इसे तुरंत वापस लेने की मांग करती है। पार्टी का स्पष्ट मत है कि SIR कोई सामान्य प्रशासनिक सुधार नहीं है, बल्कि फासिस्ट संघ परिवार द्वारा आम जनता के मौलिक मताधिकार पर सीधा राजनीतिक हमला है। मतदान का अधिकार भारतीय संवैधानिक लोकतंत्र की आधारशिला है। इसे कमजोर करने का कोई भी प्रयास संविधान और लोकतंत्र पर हमला है। भारत के निर्वाचन आयोग, जो एक स्वायत्त संवैधानिक संस्था होने के बजाय व्यवहार में भाजपा का राजनीतिक हथियार बनता जा रहा है, इस प्रक्रिया के माध्यम से मतदाता सूचियों को “शुद्ध” करने के नाम पर गरीबों, दलितों, आदिवासियों, मुसलमानों, अल्पसंख्यकों, महिलाओं, प्रवासी मजदूरों और भाजपा विरोधी प्रगतिशील जनता को व्यवस्थित रूप से बाहर करने की साजिश रच रहा है। यह हिंदुत्ववादी फासीवादी ताकतों की सुनियोजित रणनीति है, जिसका मकसद पहले लोगों को मतदाता सूची से बाहर करना और अंततः उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया से ही बाहर धकेलना है। पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में इस प्रक्रिया के परीक्षण के दौरान लाखों गरीब और अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम गैरकानूनी तरीके से हटाए गए, जिससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता गंभीर रूप से प्रभावित हुई। यह लोकतंत्र बचाने का प्रयास नहीं, बल्कि विपक्षी दलों को कमजोर कर स्थायी एकदलीय हिंदुत्ववादी-कॉर्पोरेट फासीवादी शासन स्थापित करने की खतरनाक साजिश है। जब फासीवादी शासक वर्ग अपनी सत्ता को जनता के बढ़ते विरोध से खतरे में देखता है, तो वह जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलने का रास्ता अपनाता है। आज मताधिकार निशाने पर है, कल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, संगठन बनाने का अधिकार और विरोध प्रदर्शन का अधिकार भी निशाने पर होगा। इसलिए SIR के खिलाफ संघर्ष केवल चुनावी मुद्दा नहीं, बल्कि भारत में लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है। भाकपा (माले) रेड स्टार कर्नाटक राज्य समिति मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार से मांग करती है कि वह इस फासीवादी हमले के सामने चुप्पी ना साधे। राज्य सरकार को विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर SIR प्रक्रिया का खुलकर विरोध करना चाहिए तथा सर्वोच्च न्यायालय और निर्वाचन आयोग पर दबाव बनाना चाहिए। हम भारत के सर्वोच्च न्यायालय से भी अपील करते हैं कि वह तुरंत हस्तक्षेप कर नागरिकों के मतदान अधिकार को कमजोर करने वाली इस अनैतिक और असंवैधानिक प्रक्रिया पर रोक लगाए। भाकपा (माले) रेड स्टार कर्नाटक राज्य समिति राज्य की सभी लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष और जनपक्षधर ताकतों से अपील करती है कि मुसलमान, दलित, आदिवासी, महिलाएं, किसान, मजदूर, छात्र-युवा, सामाजिक न्याय आंदोलन और सभी विपक्षी दल SIR प्रक्रिया के खिलाफ राज्यव्यापी संघर्ष खड़ा करें। मतदान के अधिकार की रक्षा ही भारतीय लोकतंत्र की रक्षा है। फासीवादी ताकतों के खिलाफ जनता का व्यापक, सशक्त संघर्ष ही देश को बचा सकता है।

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